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Showing posts from November, 2025

ग्रहों की डीग्री

 #Astrology_Degree_Consept केवल वैदिक द्विजों के लिए copyright post ©️  ब्रह्मांड में एक भचक्र की कल्पना करी है जिसे ३६०° डीग्री में वृताकार में पूर्वाचार्यों ने हमें ज्ञान दिया है। यह सब आप बाल्यावस्था में स्कूल आदि में इतिहास आदि पढ़ें हो तो ज्ञात ही होगा चलिए आज पुनः उसका अभ्यास करे - एक वृत निर्माण करेंगे जिसमें १२ भाग होंगे सभी में ३०° का एक भाग रहेगा इस प्रकार पूरा भचक्र होगा -  चंद्रमा १ घंटे बारह मिनट पूर्व अगली राशि का फल देते हैं जैसे कि १७ तारीख को चंद्रमा कन्या राशि में २९° का दोपहर २:२२ मिनट को था १ घंटे बारह मिनट के बाद तुला राशि में चंद्र ने राशि परिवर्तन किया - बाद में यह तुला राशि में आया आज वृश्चिक राशि में चंद्रमा 5° का है जो फलित के लिए है ।  यहां पर ध्यान दें सज्जनों ---  हम अंश पर चर्चा कर रहे हैं जबकि फलित से उपर एक संशोधन ही जाने जो आप सभी के मौलिक ज्ञान की अभिवृद्धि के लिए रखा है किसी वाद विवाद के लिए प्रचार के लिए नहीं। एक राशि का पूर्ण भोग 30° का होता है यदी चंद्रमा 25° का मू० त्रिकोण के अंशों से भी बलाबल का विचार करते हैं सार यह है क...

वेश्या का उद्धार

 : "वैश्या का उद्धार"           एक वैश्या थी। उसके मन में विचार आया कि मेरा कल्याण कैसे हो ? अपने कल्याण के लिए वह साधुओं के पास गई, उन्होंने कहा कि तुम साधुओं का संग करो, साधु त्यागी होते हैं, इसलिए उनकी सेवा करो तो कल्याण होगा।           फिर वह ब्राह्मणों के पास गई तो, उन्होंने कहा कि साधु तो बनावटी हैं, पर हम जन्म से ब्राह्मण हैं। ब्राह्मण सबका गुरु होता है। अतः तुम ब्राह्मणों की सेवा करोगी तो कल्याण होगा।           इसके बाद वह सन्यासियों के पास गई तो उन्होंने कहा कि सन्यासी सब वर्णों का गुरु होता है। इसलिए उनकी सेवा करने से कल्याण होगा। फिर वह वैरागियों के पास गई तो उन्होंने कहा कि वैरागी सबसे तेज होता है अतः उनकी सेवा करो तो कल्याण होगा।           फिर वह अलग-अलग संप्रदायों के गुरुओं के पास गई तो, उन्होंने कहा कि हम सबसे ऊंचे हैं शेष सब पाखंडी हैं। तुम हमारी चेली बन जाओ। हमारे से मंत्र ले लो तब हम वह बात बताएँगे जिससे तुम्हारा कल्याण हो जाएगा।           इ...