वैदिक विवाह
मनुष्यकृत संविधानिक व्यवस्था से पाणिग्रहण करने वाले कथित वैदिकों को मेरी करबद्ध प्रार्थना है उत्तम धर्म के लिए मनु और शतरूपा से विवाह के मान्य सिद्धांतो को जानना और स्वीकार करना चाहिए यदि स्वीकार नहीं कर सकते तो मनुष्य कृत परंपरा बंध करके शास्त्रीय वैदिक प्रणयफाग रचाकर उत्तमोत्तम ब्रह्मादि प्राजापत्य लोक की प्राप्ति और पूर्वजों के समस्त कल्याण के लिए वैदिक धर्म का स्वीकार करके अपने स्वधर्म का विधिवत पालन करें! पं० धवलकुमार शास्त्री गुजरात