वृद्ध कौन?

 श्रोतव्यं खलु वृद्धानामिति शास्त्र निदर्शनम् 

वृद्धो की बात सुननी चाहिए एसी वेदादिशास्त्रो (वृद्धं च मे) का कथन है। 


ज्ञान वृद्धोपि वृद्ध


आयु वृद्ध- जो आयु ( उम्र) की दृष्टि से बड़े होते हैं । 

ज्ञान वृद्ध- जो ज्ञान की दृष्टि से बड़े होते हैं। 

अनुभव वृद्ध- जो अनुभव की दृष्टि से बड़े होते हैं।

तपो वृद्ध - जो तप कर कर के तप की दृष्टि से बडे होते है। 

पदानुरूप भी वृद्ध होते है,, 😄 विवाहसंस्कार के बाद एक मे से दो, दो मे से तीन, चार, पांच हो जाते है इसे भी वृद्ध कह सकते है। 


कोई  बल  में  बड़ा  होता  है, कोई  आयु  में 

  बड़ा  होता  है  कोई  कदाचित्  धन  में  भी

  बड़ा  होता  है~~~ संतों  की  दृष्टि  में  जो  

 ज्ञान  में  बड़ा  होता  है  उसे  ही  बड़ा  माना

  जाता  है  सनकादिक  ऋषि  कहते  हैं~~~

  सूतजी  आप  देखने  में  छोटे  लगते  है  20 वर्ष            

  केलेकिन  अज्ञानरूपी  अंधकार  जो  मानव  के 

  ह्रदय  में  बैठा  हुआ  है  उसे  दूर  करने  में  आप

  सक्षम  है  हमारी  उम्र  है  500  वर्ष  की  है  

 और  आपकी  उम्र  20  वर्ष  की  है  पर  हम  सभी अट्ठासी  हजार  ऋषि  आपको  प्रणाम  करते  हैं 

  सूत  जी  क्योंकि  आप  ज्ञान  में  बड़े  हैं।।


#धनवृद्धा_बल_वृद्धा_आयुवृद्धास्तथैव_च।

#ते_सर्वेऽपि_ज्ञान_वृद्धाश्च_किंकिरा_शिष्य_किंकिरा।


शैशवेऽभ्यस्त विद्यानां यौवने विषयैषिणाम् ।

वार्द्धके मुनीवृत्तीनां योगेनान्ते तनुत्यजाम् ।

भक्ति में बालक बनो।

कर्म में युवा बनो।

ज्ञान में वृद्ध बनो।  ..रघुवंशमहाकाव्यम् ।

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