मंत्र जप अधिकार

 कोइ भी मंत्र हो गुरुगम्य होना चाहिए। मंत्र-पाठ के जपानुष्ठान से पहले दिक्षा लेना अनिवार्य है, किसी आचरणशील ब्राह्मण हो, शुद्धोच्चारण हो एसे पवित्र ब्राह्मण से सुनकर अनुष्ठान करना चाहिए। मंत्र तारक भी है मंत्र मारक भी है। 

पूज्य जगद्गुरु श्री शंकराचार्य गुरूजी 

https://youtu.be/GnsnIxbWpzU

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